दावत
Posted by sahebali on January 11, 2008
काफी व्यस्त रहने के बहुत दिनो बाद आज वापस जब ब्लाग पर आया तो देखा प्रतियोगिता भी हुई विजेता भी चुने गये, छत्तीसग़ढ़ का होते हुए भी मुझे किसी ने दावत नहीं भेजा, वैसे ग़लती मेरी ही है मै खुद गायब था और मैने भी दावत किसी को नहीं भेजा, उस गलती को सुधारने के लिए आज दावत दे रहा हुँ आईये बिरयानी का मजा लेते हैं।
Sanjeet Tripathi said
अमां साहेब साहिब कित्थे गायब हो जाते हो आप भी!!
बने रहिए साथ ही!!
दावत का दावतनामा मिलता नही इधर, लपकना पड़ता है!